श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 446
 
 
श्लोक  3.5.446 
তিন দেবী সেই স্থানে একত্র মিলন
জাহ্নবী-যমুনা-সরস্বতীর সঙ্গম
तिन देवी सेइ स्थाने एकत्र मिलन
जाह्नवी-यमुना-सरस्वतीर सङ्गम
 
 
अनुवाद
इस स्थान पर तीन देवियाँ - जाह्नवी, यमुना और सरस्वती एक साथ विलीन होती हैं।
 
At this place the three goddesses – Jahnavi, Yamuna and Saraswati merge together.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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