श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 429
 
 
श्लोक  3.5.429 
ব্যাঘ্রের সহিত খেলা খেলেন নির্ভয
হেন কৃপা করে অবধূত মহাশয
व्याघ्रेर सहित खेला खेलेन निर्भय
हेन कृपा करे अवधूत महाशय
 
 
अनुवाद
वह निर्भय होकर बाघों के साथ खेलता था। यह सब अवधूत नित्यानन्द की कृपा से ही संभव था।
 
He fearlessly played with tigers. All this was possible only due to the grace of Avadhuta Nityananda.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)