श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 424
 
 
श्लोक  3.5.424 
খডদহ-গ্রামে আসি’ নিত্যানন্দ-রায
যত নৃত্য করিলেন—কহনে না যায
खडदह-ग्रामे आसि’ नित्यानन्द-राय
यत नृत्य करिलेन—कहने ना याय
 
 
अनुवाद
जैसे ही भगवान नित्यानंद ने खड़दाह गांव में प्रवेश किया, उन्होंने इतना अद्भुत नृत्य किया कि उसका वर्णन नहीं किया जा सकता।
 
As soon as Lord Nityananda entered Khardah village, He performed a dance so wonderful that it cannot be described.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)