श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  3.5.42 
শ্রীবাস বলেন,—“যার অদৃষ্টে যা থাকে
সে-ই হৈবেক, মিলিবেক যে-তে-পাকে”
श्रीवास बलेन,—“यार अदृष्टे या थाके
से-इ हैबेक, मिलिबेक ये-ते-पाके”
 
 
अनुवाद
श्रीवास ने कहा, "मनुष्य को जो कुछ भी मिलना है, वह उसे किसी न किसी प्रकार प्राप्त होगा।"
 
Srivasa said, "Whatever a man is destined to get, he will get it one way or another."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)