श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.5.4 
শেষ-খণ্ড কথা ভাই, শুন এক মনে
শ্রী-গৌরসুন্দর বিহরিলেন যেমনে
शेष-खण्ड कथा भाइ, शुन एक मने
श्री-गौरसुन्दर विहरिलेन येमने
 
 
अनुवाद
हे भाइयों, ध्यानपूर्वक अन्त्यखण्ड की कथाएँ सुनो, जिनमें श्री गौरसुन्दर की लीलाओं का वर्णन है।
 
O brothers, listen attentively to the stories of Antyakhand, which describe the pastimes of Sri Gauranga.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)