vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 397
श्लोक
3.5.397
যে কাজীর ভযে লোক পলায অন্তরে
নির্ভযে চলিলা নিশা-ভাগে তার ঘরে
ये काजीर भये लोक पलाय अन्तरे
निर्भये चलिला निशा-भागे तार घरे
अनुवाद
यद्यपि लोग प्रायः उस काजी के भय से भाग जाते थे, किन्तु गदाधर निडर होकर रात्रि में अपने घर चला जाता था।
Although people often ran away from the fear of that Qazi, Gadhdhar would fearlessly go to his home at night.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×