श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 386
 
 
श्लोक  3.5.386 
একত্র করিযা দুই চরণ সুন্দর
কিবা যোডে যোডে লম্ফ দেন মনোহর
एकत्र करिया दुइ चरण सुन्दर
किबा योडे योडे लम्फ देन मनोहर
 
 
अनुवाद
वह अपने दोनों सुन्दर पैरों को एक साथ रखते हुए कितने अद्भुत ढंग से उछल रहा था!
 
How wonderfully he was jumping with both his beautiful legs together!
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)