श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 365
 
 
श्लोक  3.5.365 
“শ্রী-কৃষ্ণ-চৈতন্য জয নিত্যানন্দ” বলি’
সিṁহ-নাদ করে শিশু হৈ’ কুতূহলী
“श्री-कृष्ण-चैतन्य जय नित्यानन्द” बलि’
सिꣳह-नाद करे शिशु है’ कुतूहली
 
 
अनुवाद
बच्चे प्रसन्नतापूर्वक सिंहों की तरह दहाड़ते और पुकारते, “श्रीकृष्ण चैतन्य और नित्यानन्द की जय हो!”
 
The children roared like lions with joy and cried out, “Victory to Sri Krishna Chaitanya and Nityananda!”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)