यहां तक कि नास्तिकों ने भी उन्हें देखा और उन्हें अपना सब कुछ अर्पित करने पर विचार किया।
Even atheists saw him and considered offering him everything they had.
तात्पर्य
जो लोग अलौकिक विष्णु और वैष्णवों को सांसारिक वस्तुओं या साधारण व्यक्तियों के बराबर मानते हैं उन्हें पाषंडी, या नास्तिक कहा जाता है। ऐसे ईश्वरविहीन लोग भी भगवान नित्यानंद प्रभु को देखकर उनका सम्मान करते थे। परमेश्वर को देखकर भौतिक सुख-भोग पर आधारित उनकी सांसारिक अवधारणाएँ समाप्त हो जाती थीं। इसलिए उन्होंने अंत में सब कुछ प्रभु को समर्पित कर दिया। जो लोग परमेश्वर को सब कुछ समर्पित करते हैं वे बाहरी दुनिया को अपने भोग-विलास की वस्तु के रूप में नहीं देखते हैं, दूसरे शब्दों में, वे मुक्त आत्मा बन जाते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥