श्री नित्यानंद प्रभु प्रत्यक्ष स्वयं-प्रकाश-तत्व हैं। भगवान का अलौकिक नाम और स्वयं भगवान आपस में जुड़कर प्रकट होते हैं स्वयं-प्रकाश नित्यानंद के रूप में, दिव्य सुख के भंडार। श्री नित्यानंद प्रभु और नाम श्री नित्यानंद सबसे आनंददायक दिव्य वस्तुएँ हैं। यह जीवों को श्री नित्यानंद की कृपा से प्रकट किया गया था।
