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श्लोक 3.5.322  |
পানিহাটী-গ্রামে যত হৈল প্রেম-সুখ
চারি বেদে বর্ণিবেক সে সব কৌতুক |
पानिहाटी-ग्रामे यत हैल प्रेम-सुख
चारि वेदे वर्णिबेक से सब कौतुक |
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| अनुवाद |
| पनिहाटी गांव में प्रकट होने वाले परमानंद प्रेम के सुख का वर्णन चारों वेदों में किया जाएगा। |
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| The bliss of ecstatic love that manifested in Panihati village will be described in all four Vedas. |
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