श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 315
 
 
श्लोक  3.5.315 
নিত্যানন্দ-স্বরূপেরে ধরিবারে ধায
হাসে নিত্যানন্দ প্রভু বসিযা খট্টায
नित्यानन्द-स्वरूपेरे धरिबारे धाय
हासे नित्यानन्द प्रभु वसिया खट्टाय
 
 
अनुवाद
जैसे ही किसी ने नित्यानंद स्वरूप के पैर पकड़ने की कोशिश की, नित्यानंद प्रभु सिंहासन पर बैठ गए और मुस्कुराए।
 
As someone tried to hold the feet of Nityananda Swarup, Nityananda Prabhu sat on the throne and smiled.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)