vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 309
श्लोक
3.5.309
হেন সে দেহেতে জন্মিযাছে প্রেম-বল
তৃণ-প্রায উপাডিযা ফেলায সকল
हेन से देहेते जन्मियाछे प्रेम-बल
तृण-प्राय उपाडिया फेलाय सकल
अनुवाद
उसका शरीर इतने शक्तिशाली परमानंद प्रेम से भर गया कि उसने उन पेड़ों को ऐसे उखाड़ दिया मानो वे घास के पत्ते हों।
His body was filled with such powerful ecstatic love that he uprooted those trees as if they were blades of grass.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×