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श्लोक 3.5.306  |
কেহ কেহ প্রেম-সুখে হুঙ্কার করিযা
বৃক্ষের উপরে থাকি’ পডে লম্ফ দিযা |
केह केह प्रेम-सुखे हुङ्कार करिया
वृक्षेर उपरे थाकि’ पडे लम्फ दिया |
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| अनुवाद |
| किसी ने प्रेम के आवेश में जोर से दहाड़ लगाई और पेड़ की चोटी से नीचे कूद गया। |
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| Someone roared loudly in the passion of love and jumped down from the top of the tree. |
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