परमानंद प्रेम की मधुरता से परिपूर्ण नित्यानंद ने अब सम्पूर्ण जगत का उद्धार करने का अपना शुभ कार्य आरम्भ किया।
Filled with the sweetness of ecstatic love, Nityananda now began his auspicious task of uplifting the entire world.
तात्पर्य
श्री नित्यानंद ने भगवान् का अलौकिक प्रेम बाँट कर इस जगत के व्यक्तियों को उद्धार करने का अपना मंगलकारी कार्य आरंभ किया। उन्होंने स्वयं प्रदर्शित किया कि कोई परमेश्वर की सेवा में पूर्ण समर्पण कैसे कर सकता है, ताकि कोई भक्ति सेवा में पूर्णता प्राप्त कर सके।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥