श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 247
 
 
श्लोक  3.5.247 
পুনঃ পথ জিজ্ঞাসা করযে লোক-স্থানে
লোক বলে,—“পথ রহে দশ ক্রোশ বামে”
पुनः पथ जिज्ञासा करये लोक-स्थाने
लोक बले,—“पथ रहे दश क्रोश वामे”
 
 
अनुवाद
फिर वे कुछ लोगों से पूछते, जो जवाब देते, “सही रास्ता बीस मील बाईं ओर है।”
 
Then they would ask some people, who would reply, “The right way is twenty miles to the left.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)