श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 236
 
 
श्लोक  3.5.236 
প্রথমেই বৈষ্ণবাগ্রগণ্য রামদাস
তান দেহে হৈলেন গোপাল-প্রকাশ
प्रथमेइ वैष्णवाग्रगण्य रामदास
तान देहे हैलेन गोपाल-प्रकाश
 
 
अनुवाद
सर्वोच्च वैष्णव रामदास ने सबसे पहले एक ग्वालबाल की मनोदशा प्रकट की थी।
 
The supreme Vaishnava Ramdas first expressed the state of mind of a cowherd boy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)