श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 228
 
 
श्लोक  3.5.228 
এতেকে আমার বাক্য যদি সত্য চাও
তবে অবিলম্বে তুমি গৌড-দেশে যাও
एतेके आमार वाक्य यदि सत्य चाओ
तबे अविलम्बे तुमि गौड-देशे याओ
 
 
अनुवाद
“अब यदि आप मेरा वचन पूरा करना चाहते हैं, तो आपको बिना विलम्ब किये बंगाल चले जाना चाहिए।
 
“Now if you want to fulfill my promise, you should go to Bengal without delay.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)