श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 208
 
 
श्लोक  3.5.208 
প্রতাপরুদ্রের প্রভু-সহিত দর্শন
ইহা যে শুনযে তারে মিলে প্রেম-ধন
प्रतापरुद्रेर प्रभु-सहित दर्शन
इहा ये शुनये तारे मिले प्रेम-धन
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य महाराज प्रतापरुद्र के भगवान से मिलन का वर्णन सुनता है, उसे परमानंद प्रेम का खजाना प्राप्त होता है।
 
The person who listens to the description of Maharaja Prataparudra's meeting with the Lord, obtains the treasure of ecstatic love.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)