श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 205
 
 
श्लोक  3.5.205 
এত বলি’ আপন গলার মালা দিযা
বিদায দিলেন তানে সন্তোষ হৈযা
एत बलि’ आपन गलार माला दिया
विदाय दिलेन ताने सन्तोष हैया
 
 
अनुवाद
ये शब्द कहकर भगवान ने राजा को अपनी माला देकर संतुष्ट होकर विदा किया।
 
Saying these words, the Lord gave his garland to the king and sent him away satisfied.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)