श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 202
 
 
श्लोक  3.5.202 
তুমি, সার্বভৌম, আর রামানন্দ-রায
তিনের নিমিত্ত মুঞি আইলুঙ্ এথায
तुमि, सार्वभौम, आर रामानन्द-राय
तिनेर निमित्त मुञि आइलुङ् एथाय
 
 
अनुवाद
“मैं आपके, सार्वभौम और रामानन्द राय के कारण यहां आया हूं।
 
“I have come here because of you, Sarvabhauma and Ramanand Rai.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)