श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 183
 
 
श्लोक  3.5.183 
জীবের বা কোন্ শক্তি তাহানে জানিতে
ব্রহ্মাদির মোহ হয যাঙ্হার মাযাতে
जीवेर वा कोन् शक्ति ताहाने जानिते
ब्रह्मादिर मोह हय याङ्हार मायाते
 
 
अनुवाद
"जीव में उसे जानने की क्या शक्ति है? ब्रह्मा जैसे व्यक्तित्व भी उसकी माया से मोहित हो जाते हैं।
 
"What power does a living being have to know Him? Even personalities like Brahma are bewildered by His Maya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)