श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 177
 
 
श्लोक  3.5.177 
সেই-ক্ষণে দেখে রাজা সেই সিṁহাসনে
চৈতন্য-গোসাঞি বসি’ আছেন আপনে
सेइ-क्षणे देखे राजा सेइ सिꣳहासने
चैतन्य-गोसाञि वसि’ आछेन आपने
 
 
अनुवाद
उस समय राजा ने भगवान चैतन्य को उस सिंहासन पर बैठे देखा, जहाँ पहले जगन्नाथ बैठे थे।
 
At that time the king saw Lord Chaitanya sitting on the throne where Jagannatha had previously sat.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)