श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 159
 
 
श्लोक  3.5.159 
সবে একখানি মাত্র ধরিলেন মনে
সেহ তান অনুগ্রহ হৈবার কারণে
सबे एकखानि मात्र धरिलेन मने
सेह तान अनुग्रह हैबार कारणे
 
 
अनुवाद
लेकिन उनके मन में एक संदेह उत्पन्न हुआ, जो बाद में उनके लिए भगवान की कृपा प्राप्ति का कारण बना।
 
But a doubt arose in his mind, which later became the reason for him receiving God's grace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)