श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 153
 
 
श्लोक  3.5.153 
কখন করেন হেন রোদন বিরহে
রাজা দেখে শ্রী-নযনে যেন নদী বহে
कखन करेन हेन रोदन विरहे
राजा देखे श्री-नयने येन नदी वहे
 
 
अनुवाद
कभी-कभी भगवान वियोग में इतनी तीव्रता से रोते थे कि राजा को उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बहती दिखाई देती थी।
 
Sometimes the Lord would cry so intensely in separation that the king could see streams of tears flowing from his eyes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)