श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 146
 
 
श्लोक  3.5.146 
রাজা ও পরম ভক্ত—সেই অবসরে
দেখিবেন প্রভুরে, থাকিযা অগোচরে”
राजा ओ परम भक्त—सेइ अवसरे
देखिबेन प्रभुरे, थाकिया अगोचरे”
 
 
अनुवाद
“राजा भी एक महान भक्त है, इसलिए वह भगवान की जानकारी के बिना भगवान के दर्शन करने के लिए उस अवसर का उपयोग कर सकता है।”
 
“The king is also a great devotee, so he can use that opportunity to have darshan of the Lord without the Lord's knowledge.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)