vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 14
श्लोक
3.5.14
জয জয করে গৃহে পতি-ব্রতা-গণ
হৈল আনন্দ-ময শ্রীবাস-ভবন
जय जय करे गृहे पति-व्रता-गण
हैल आनन्द-मय श्रीवास-भवन
अनुवाद
घर की सती स्त्रियाँ मंगल ध्वनि करने लगीं और श्रीवास का सारा घर आनंद से भर गया।
The chaste women of the house started chanting auspicious songs and the entire house of Shrivas was filled with joy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×