श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 113
 
 
श्लोक  3.5.113 
’বল বল’ বলে প্রভু শ্রী-গৌরাঙ্গ-রায
হুঙ্কার গর্জন প্রভু করযে সদায
’बल बल’ बले प्रभु श्री-गौराङ्ग-राय
हुङ्कार गर्जन प्रभु करये सदाय
 
 
अनुवाद
भगवान गौरांग बार-बार जोर से गरजते रहे, “पढ़ते रहो! पढ़ते रहो!”
 
Lord Gauranga kept on shouting loudly, "Keep reading! Keep reading!"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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