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श्लोक 3.5.104  |
যেই আমি, সে-ই নিত্যানন্দ—ভেদ নাই
তোমার ঘরেই সব জানিবা এথাই |
येइ आमि, से-इ नित्यानन्द—भेद नाइ
तोमार घरेइ सब जानिबा एथाइ |
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| अनुवाद |
| मुझमें और नित्यानंद में कोई अंतर नहीं है। तुम्हारे घर में सबको यह बात पता चल जाएगी। |
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| There is no difference between me and Nityananda. Everyone in your house will know this. |
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