श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  3.4.93 
ঽরাজার নিকট-গ্রামে কি কার্য রহিযাঽ
এই কথা সবে পাঠাইলেন কহিযা”
ऽराजार निकट-ग्रामे कि कार्य रहियाऽ
एइ कथा सबे पाठाइलेन कहिया”
 
 
अनुवाद
“मुझे चिंतित व्यक्तियों ने भगवान से यह पूछने के लिए भेजा है कि, ‘राजा के पास रहने का क्या लाभ है?’”
 
“I have been sent by anxious men to ask God, ‘What is the use of living near the king?’”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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