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श्लोक 3.4.6  |
দিন-চারি-পাঞ্চ প্রভু সেই পুণ্য-স্থানে
আসিযা রহিলা যেন কেহ নাহি জানে |
दिन-चारि-पाञ्च प्रभु सेइ पुण्य-स्थाने
आसिया रहिला येन केह नाहि जाने |
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| अनुवाद |
| भगवान उस पवित्र स्थान पर आये और दूसरों की जानकारी के बिना चार या पांच दिन तक वहां रहे। |
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| The Lord came to that holy place and stayed there for four or five days without the knowledge of others. |
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