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श्लोक 3.4.511  |
তবে প্রভু নিত্যানন্দ-স্বরূপের আগে
দিলেন চন্দন-মালা মহা-অনুরাগে |
तबे प्रभु नित्यानन्द-स्वरूपेर आगे
दिलेन चन्दन-माला महा-अनुरागे |
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| अनुवाद |
| तब भगवान ने सबसे पहले नित्यानंद स्वरूप को प्रेमपूर्वक चंदन का लेप और पुष्पमाला अर्पित की। |
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| Then the Lord first lovingly offered sandalwood paste and a garland of flowers to Nityananda Swarupa. |
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