श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 500
 
 
श्लोक  3.4.500 
সর্ব-পারিষদ প্রভু আগে নাচাইযা
শেষে নৃত্য করেন আপনে সবাঽ লৈযা
सर्व-पारिषद प्रभु आगे नाचाइया
शेषे नृत्य करेन आपने सबाऽ लैया
 
 
अनुवाद
पहले अपने सभी साथियों को नृत्य करने के लिए प्रेरित करने के बाद, भगवान ने भी अंततः सभी के साथ नृत्य करना शुरू कर दिया।
 
After first inspiring all his companions to dance, the Lord also eventually started dancing with everyone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)