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श्लोक 3.4.468  |
তৈল-লবণ-ঘৃত-কলস দেখে প্রভু যত
সকল অনন্ত—লিখিবারে পারি কত |
तैल-लवण-घृत-कलस देखे प्रभु यत
सकल अनन्त—लिखिबारे पारि कत |
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| अनुवाद |
| प्रभु ने तेल, नमक और घी से भरे अनगिनत बर्तन देखे। मैं सब कुछ वर्णन करने में असमर्थ हूँ। |
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| The Lord saw countless vessels filled with oil, salt, and ghee. I am unable to describe everything. |
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