|
| |
| |
श्लोक 3.4.441  |
মাধব-পুরীর আরাধনার দিবসে
সর্বস্ব নিক্ষেপ করে অদ্বৈত হরিষে |
माधव-पुरीर आराधनार दिवसे
सर्वस्व निक्षेप करे अद्वैत हरिषे |
| |
| |
| अनुवाद |
| तब से, अद्वैत हर साल माधवेन्द्र पुरी का आविर्भाव दिवस हर्षोल्लास से मनाता है। |
| |
| Since then, Advaita celebrates the appearance day of Madhavendra Puri with great joy every year. |
| ✨ ai-generated |
| |
|