श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 381
 
 
श्लोक  3.4.381 
এই কহিলাঙ তোর নিস্তার-উপায
শ্রীবাস-পণ্ডিত ক্ষমিলে সে দুঃখ যায
एइ कहिलाङ तोर निस्तार-उपाय
श्रीवास-पण्डित क्षमिले से दुःख याय
 
 
अनुवाद
"मैंने तुम्हें तुम्हारे उद्धार का उपाय बता दिया है। यदि श्रीवास पंडित तुम्हें क्षमा कर दें, तो तुम अपने कष्टों से मुक्त हो जाओगे।"
 
"I have told you the way to your salvation. If Srivasa Pandita forgives you, you will be free from your sufferings."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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