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श्लोक 3.4.355  |
এই জ্বালা সহিতে না পারঽ দুষ্ট-মতি
কে-মতে করিবা কুম্ভীপাকেতে বসতি |
एइ ज्वाला सहिते ना पारऽ दुष्ट-मति
के-मते करिबा कुम्भीपाकेते वसति |
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| अनुवाद |
| हे दुष्ट! तू इस ज्वलन्त पीड़ा को सहन नहीं कर सकता, तो कुम्भीपाक में होने वाली पीड़ा को कैसे सहन कर सकेगा? |
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| O wicked one, if you cannot bear this burning pain, how will you be able to endure the pain of Kumbhipaka? |
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