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श्लोक 3.4.340  |
এই মত অষ্ট শ্লোক আপনার কৃত
পডিলা মুরারি রাম-মহিমা-অমৃত |
एइ मत अष्ट श्लोक आपनार कृत
पडिला मुरारि राम-महिमा-अमृत |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार मुरारी गुप्त ने राम की अमृतमयी महिमा का वर्णन करते हुए अपने द्वारा रचित आठ श्लोकों की व्याख्या की। |
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| Thus Murari Gupta explained the eight verses composed by him, describing the nectar-like glory of Rama. |
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