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श्लोक 3.4.249  |
কৃষ্ণ বৈ একি পিতৃ-মাতৃ-গুরু-ভক্তি
করিবারে ধরযে এ-মত কার শক্তি |
कृष्ण बै एकि पितृ-मातृ-गुरु-भक्ति
करिबारे धरये ए-मत कार शक्ति |
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| अनुवाद |
| कृष्ण के अतिरिक्त और किसमें पिता, माता या श्रेष्ठ के प्रति ऐसी भक्ति प्रदर्शित करने की शक्ति है? |
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| Who else other than Krishna has the power to display such devotion towards father, mother or superior? |
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