श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 499
 
 
श्लोक  3.2.499 
সে ভোজনে যতেক হৈল প্রেম-রঙ্গ
বেদব্যাস বর্ণিবেন সে সব প্রসঙ্গ
से भोजने यतेक हैल प्रेम-रङ्ग
वेदव्यास वर्णिबेन से सब प्रसङ्ग
 
 
अनुवाद
भगवान के भोजन करते समय जो आनंद प्रकट हुआ, उसका वर्णन भविष्य में वेदव्यास द्वारा किया जाएगा।
 
The joy that the Lord displayed while eating will be described in the future by Veda Vyasa.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)