श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 493
 
 
श्लोक  3.2.493 
বহুবিধ মহাপ্রসাদ আনিযা সত্বরে
সার্বভৌম থুইলেন প্রভুর গোচরে
बहुविध महाप्रसाद आनिया सत्वरे
सार्वभौम थुइलेन प्रभुर गोचरे
 
 
अनुवाद
सार्वभौम ने शीघ्रता से अनेक प्रकार के महाप्रसाद लाकर भगवान के समक्ष रख दिए।
 
Sarvabhauma quickly brought many types of Mahaprasad and placed them before the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)