श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 479
 
 
श्लोक  3.2.479 
এই সার্বভৌম নমস্করেন তোমারে”
আথে-ব্যথে প্রভু সার্বভৌমে কোলে করে
एइ सार्वभौम नमस्करेन तोमारे”
आथे-व्यथे प्रभु सार्वभौमे कोले करे
 
 
अनुवाद
“यह सार्वभौम आपको नमस्कार कर रहा है।” तब भगवान ने शीघ्रता से सार्वभौम को गले लगा लिया।
 
“This is the Sovereign saluting you.” Then the Lord quickly embraced the Sovereign.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)