vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,
»
श्लोक 427
श्लोक
3.2.427
হেন-কালে গৌরচন্দ্র জগত-জীবন
দেখিলেন জগন্নাথ, সুভদ্রা, সঙ্কর্ষণ
हेन-काले गौरचन्द्र जगत-जीवन
देखिलेन जगन्नाथ, सुभद्रा, सङ्कर्षण
अनुवाद
तभी ब्रह्माण्ड के प्राण और आत्मा गौरचन्द्र, जगन्नाथ, सुभद्रा और संकर्षण (बलदेव) से मिलने आये।
Then the life and soul of the universe came to meet Gaurachandra, Jagannath, Subhadra and Sankarshana (Baldev).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×