श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 426
 
 
श्लोक  3.2.426 
ঈশ্বর-ইচ্ছায সার্বভৌম সেই কালে
জগন্নাথ দেখিতে আছেন কুতূহলে
ईश्वर-इच्छाय सार्वभौम सेइ काले
जगन्नाथ देखिते आछेन कुतूहले
 
 
अनुवाद
उस समय भगवान की इच्छा से सार्वभौम भगवान जगन्नाथ का आनंदपूर्वक दर्शन कर रहा था।
 
At that time, by the will of the Lord, the sovereign was blissfully seeing Lord Jagannatha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)