श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 416
 
 
श्लोक  3.2.416 
পথে যত দেখযে সুকৃতি নর-গণ
তারা বলে,—“এই তঽ সাক্ষাত্ নারাযণ”
पथे यत देखये सुकृति नर-गण
तारा बले,—“एइ तऽ साक्षात् नारायण”
 
 
अनुवाद
जिन पुण्यात्माओं ने मार्ग में भगवान को देखा, उन्होंने कहा, "ये साक्षात् भगवान नारायण हैं।"
 
The pious souls who saw the Lord on the way said, "This is Lord Narayana himself."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)