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श्लोक 3.2.351  |
তবে শেষে ধরিযা প্রভুর শ্রী-চরণ
করিতে লাগিল শিব আত্ম-নিবেদন |
तबे शेषे धरिया प्रभुर श्री-चरण
करिते लागिल शिव आत्म-निवेदन |
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| अनुवाद |
| तब शिवजी ने भगवान के चरणकमल पकड़ लिये और पूर्ण समर्पण के साथ बोलने लगे। |
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| Then Lord Shiva held the Lord's lotus feet and started speaking with complete surrender. |
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