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श्लोक 3.2.306  |
তথাপিহ নিরবধি করে দাস্য-লীলা
অবতার হৈলে হয এই মত খেলা |
तथापिह निरवधि करे दास्य-लीला
अवतार हैले हय एइ मत खेला |
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| अनुवाद |
| फिर भी इस अवतार में भगवान ने सदैव सेवक के रूप में लीलाएं करने का आनन्द लिया। |
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| Yet in this incarnation the Lord always enjoyed performing pastimes as a servant. |
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