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श्लोक 3.2.283  |
জন্তু-মাত্র যে নদীর হৈলেই পার
দেব-গণে দেখে চতুর্-ভুজের আকার |
जन्तु-मात्र ये नदीर हैलेइ पार
देव-गणे देखे चतुर्-भुजेर आकार |
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| अनुवाद |
| यदि कोई पशु भी उस नदी को पार करता है तो देवता उसे चतुर्भुज रूप में देखते हैं। |
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| Even if any animal crosses that river, the god sees it in the form of Chaturbhuj. |
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