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श्रीचैतन्य भागवत
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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
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अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,
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श्लोक 266
श्लोक
3.2.266
প্রভু বলে,—“কহ কহ কোথা তুমি সব!
চির-দিনে আজি সবে দেখিলুঙ্ বান্ধব”
प्रभु बले,—“कह कह कोथा तुमि सब!
चिर-दिने आजि सबे देखिलुङ् बान्धव”
अनुवाद
प्रभु ने कहा, "बताओ, तुम कहाँ थे? बहुत दिनों के बाद मुझे मेरा मित्र मिला है।"
The Lord said, "Tell me, where have you been? I have found my friend after a long time."
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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