श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 235
 
 
श्लोक  3.2.235 
মুকুন্দ বলেন,—“তবে তুমি চল আগে
আমরা-সবার কিছু পাছে কৃত্য আছে”
मुकुन्द बलेन,—“तबे तुमि चल आगे
आमरा-सबार किछु पाछे कृत्य आछे”
 
 
अनुवाद
मुकुंद ने कहा, "तो फिर आप जाइए। हम अपना काम निपटाकर बाद में आएँगे।"
 
Mukund said, "Then you go. We will finish our work and come later."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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